Maruti Suzuki ने Gujarat के Hansalpur प्लांट से e-Vitara इलेक्ट्रिक SUV का उत्पादन आरंभ कर दिया है और पहला बैच Pipavav बंदरगाह से इस महीने यूरोप के लिए रवाना होने वाला है। यह कदम भारत की इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में वैश्विक नेतृत्व की दिशा में महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
1. नवीनतम अपडेट्स — क्या हो रहा है?
Maruti Suzuki ने e-Vitara का उत्पादन शुरू कर दिया है और निर्माण स्थल से पहला बैच यूरोप के लिए भेजने की रिपोर्ट सामने आई है।
Moneycontrol की रिपोर्ट के अनुसार, “The first batch set to sail for the European region from Pipavav port this month” जैसे स्पष्ट विवरण दिए गए हैं
UPI नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट में बताया गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के Hansalpur प्लांट पर इस EV का उद्घाटन किया, जो जापान समेत 100 से अधिक देशों में निर्यात हेतु तैयार है
2. e-Vitara का परिचय और पृष्ठभूमि
2.1 ग्लोबल première और तकनीकी आधार
e-Vitara का ग्लोबल अनावरण Milan, Italy में हुआ था, और इसका उत्पादन 2025 की वसंत ऋतु में भारत से शुरू हुआ यह Suzuki की पहली BEV (Battery Electric Vehicle) है, जो Heartect-e इलेक्ट्रिक स्केटबोर्ड प्लेटफॉर्म पर आधारित है
2.2 बैटरी और कॉन्फ़िगरेशन
e-Vitara दो बैटरी विकल्पों में उपलब्ध है: 49 kWh और 61 kWh LFP (Lithium Iron Phosphate) ब्लेड सेल्स, जो BYD से प्राप्त होते हैं इसमें 2WD और Suzuki की ALLGRIP-e AWD विकल्प भी शामिल हैं, जो 135 kW मोटर शक्ति प्रदान करते हैं
3. उत्पादन, विनिर्माण केंद्र और निवेश
e-Vitara का उत्पादन विशेष रूप से Gujarat के Suzuki Motor Gujarat (SMG) प्लांट में होता है, जहाँ से यह वैश्विक उत्पादन केंद्र के रूप में काम करेगा Suzuki Group ने इस परियोजना में लगभग ₹1,00,000 करोड़ का निवेश किया है, जिससे 11 लाख से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार सृजित हुए हैं
साथ ही, गुजरात में TDS Lithium-Ion Battery संयंत्र के माध्यम से इलेक्ट्रोड-स्तर पर बैटरी निर्माण शुरू किया गया है, जिससे बैटरी आपूर्ति श्रृंखला में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी
Reuters की रिपोर्ट के अनुसार, Suzuki अगले 5-6 वर्षों में ₹70,000 करोड़ (लगभग $8 बिलियन) तक निवेश करने की योजना बना रही है और इस अवधि में 50,000–1,00,000 EVs वार्षिक रूप से निर्यात करने का लक्ष्य रखती है
4. यूरोप के लिए पहले बैच की तैयारी
Moneycontrol और अन्य स्रोतों के अनुसार, e-Vitara का पहला बैच Pipavav बंदरगाह से इस महीने (अगस्त 2025) यूरोप भेजे जाने की तैयारी में है । इससे India-to-Europe EV निर्यात युद्ध में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
Financial Express की रिपोर्ट बताती है कि यह SUV यूनाइटेड किंगडम, जर्मनी, नॉर्वे, फ्रांस, डेनमार्क, स्विट्ज़रलैंड, नीदरलैंड, स्वीडन, हंगरी, आइसलैंड, इटली, ऑस्ट्रिया और बेल्जियम जैसे देशों में भेजा जाएगा ।
5. वैश्विक महत्व और प्रतिस्पर्धात्मक परिप्रेक्ष्य
e-Vitara भारत की “Make in India, Make for the World” पहल का प्रतीक है। यह भारत की EV विनिर्माण क्षमता एवं वैश्विक गुणवत्ता की पुष्टि करता है
Hindustan Times में विश्लेषण है कि Suzuki ने Toyota और Daihatsu के सहयोग से विकसित HEARTECT-e प्लेटफॉर्म बनाया है, जो वैश्विक मानकों (जैसे EuroNCAP) के अनुरूप है — यह इसे अंतर्राष्ट्रीय बाजार में तुलनात्मक लाभ देता है
यह कदम Tata Motors और Mahindra जैसी कंपनियों की तुलना में अधिक महत्व रखता है, क्योंकि इनके EV निर्यात अभी सीमित हैं
6. वैश्विक बाज़ार पहुंच और भविष्य की दृष्टि
Wikipedia के अनुसार, e-Vitara ब्रिटेन में जून 2025 से बिक्री के लिए उपलब्ध है, जिसकी कीमत £29,999 से शुरू होती है, और यूरोपीय WLTP रेंज 346 किमी (49 kWh) से लेकर 426 किमी (61 kWh) तक है
Maruti Suzuki का FY26 में लगभग 70,000 e-Vitara मॉडल का उत्पादन लक्ष्य है, जिसमें अधिकांश निर्यात हेतु निर्धारित हैं
